जीवन की बारिश का हर पल हैं बूँदें
यूँ मिट्टी सी महकती, चहकती बूँदें
आसमां से गिरती, पल भर में छू होती बूँदें
दमकती दिखलाती इठलाती बूँदे
शीशे पर टिमटिमाती, रोशनी को समाती बूँदें
जिसके मन में है जो भी, उसको वो दिखलाती बूँदें
रुआँसे नैनों में लप लापाती बूँदें
किसी की मेहनत में टिप टिपाती बूँदें
बेरंग होकर भी जीवन का हर रंग हैं बूँदें
कुछ बहकी, कुछ महकी, पल भर की
बस यूं ही बहती रहती, मानो कुछ कहती
पूरण जीवन सार समा के भी चुप चाप है बूँदें.
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